Ex-मुस्लिम सलीम वास्तिक, 31 साल पुराने किडनैपिंग-मर्डर केस में था फरार

Date: 2026-04-25
news-banner

करीब 31 साल पुराने एक सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 13 साल के एक मासूम बच्चे के किडनैपिंग और मर्डर के आरोपी सलीम वास्तिक को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। उसे गाजियाबाद के लोनी इलाके से पकड़ा गया, जहां वह लंबे समय से छिपकर रह रहा था।

कौन है सलीम वास्तिक?

पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान सलीम वास्तिक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हाल के समय में एक Ex-मुस्लिम यूट्यूबर के तौर पर भी सामने आया था, जिससे उसकी पहचान और ज्यादा चर्चा में आ गई। इतने सालों तक फरार रहने और पहचान बदलकर रहने की वजह से उसकी गिरफ्तारी ने लोगों को चौंका दिया है।

1995 का किडनैपिंग और मर्डर केस
यह मामला साल 1995 का है, जब सलीम वास्तिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर 13 साल के एक बच्चे का अपहरण किया था। परिवार से 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई लेकिन पैसे मिलने से पहले ही बच्चे की हत्या कर दी गई पुलिस ने आरोपी को पहले भी गिरफ्तार किया था और 1997 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, साल 2000 में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आते ही वह फरार हो गया और अपनी पहचान बदलकर नई जिंदगी जीने लगा।

पुलिस से बचने के लिए सलीम वास्तिक ने कई चालाकियां अपनाईं:

अपना नाम बदलकर सलीम वास्तिक रख लिया हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में छिपकर रहने लगा बार-बार ठिकाना बदलता रहा यहां तक कि खुद को “मृत” घोषित करवा दिया इन तरीकों से वह सालों तक पुलिस को चकमा देता रहा।

सलीम वास्तिक गिरफ्तार कैसे हुआ?

पुलिस से बचने के लिए उसने खुद को मृत घोषित करवा दिया और सलीम अहमद नाम से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छिपकर रहने लगा। वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। लेकिन पुलिस उसकी तलाश में लगी रही। आखिरकार एंटी रॉबरी एंड सीरियस क्राइम (ARSC) टीम को उसकी लोकेशन का सुराग मिला जांच में पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और फोटो से इसकी पुष्टि हुई। और उसे लोनी से गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी से एक बार फिर साबित हुआ है कि अपराधी कितनी भी चालाकी कर ले, कानून के हाथों से ज्यादा समय तक नहीं बच सकता।

Leave Your Comments