काशी में अक्षय तृतीया पर बिंदु माधव की हुई आराधना

Date: 2026-04-19
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वाराणसी। अक्षय तृतिया की पवित्र तिथि पर शास्त्रों में भगवान विष्मु की आराधना का विधान बताया गया है। इस क्रम में रविवार को यहां शहर के प्राचीन विष्णु तीर्थ बिंदु माधव की पूजा अर्चना की गई और आरती उतारी गई।

आम लोगों ने गंगा तट पर अवस्थित बिन्दु माधव मंदिर पहुंचकर भगवान श्री हरि नारायण विष्णु के बिंदु माधव स्वरूप व माता लक्ष्मी, भगवान गणेश का विधिवत पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

पंचगंगा घाट स्थित मंदिर में ओम नमो भगवते वासुदेवाय, ओम नमो नारायणाय और शांताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् जैसे मंत्रो का जाप करके भगवान विष्णु को प्रसन्न किया गया।

काशी में इस पवित्र अवसर पर लोगों ने गंगा स्नान किया और गर्मी से बचाने वाली वस्तुओं जैसे पंखा, घड़ा, मौसमी फल आदि का दान कर पुण्य लाभ की कामना की।

वाराणसी के पंचगंगा घाट पर स्थित भगवान विष्णु को समर्पित यह एक प्राचीन और पवित्र मंदिर है। 'बिंदु माधव' या 'बूंदों के स्वामी' के रूप में पूजित भगवान विष्णु का यह मंदिर मोक्ष प्रदाता माना जाता है। इसका पौराणिक महत्व ऋषि अग्निबिंदु की तपस्या से जुड़ा है। यह काशी के पंच माधव तीर्थों में से एक है। मान्यता है कि कार्तिक महीने में यहां दीपदान करने और दर्शन करने से मोक्ष मिलता है।

जानकारों का कहना है कि बिन्दु माधव के मूल भव्य मंदिर को औरंगजेब ने तोड़कर वहां आलमगीरी मस्जिद बनवाई थी। वर्तमान मंदिर का पुनर्निर्माण 17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध (लगभग 1672) में मराठा सरदार द्वारा कराया गया।स्थानीय लोग इस जगह को बिन्दु माधव का धौरहरा भी कहते हैं।

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