उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है जिसमें दो अधिकारी शामिल हैं।
इस मामले में चार नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। नामजद आरोपितों अलीगंज स्थित सेक्टर-डी निवासी रामकृष्ण उपाध्याय, मदेयगंज नियर बड़ा दुगों मंदिर सीतापुर रोड निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ठाकुरगंज निवासी तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड की घटना पर कड़ा एक्शन लिया है। चार अफसरों जानकीपुरम के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
सीएम ने जान गंवाने वाले युवाओ के घरवालों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुःख जताते हुए मृतकों के परिवारीजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है।
अलीगंज अग्निकांड घटनास्थल पर FSL की टीम ने उस जगह का मुआयना किया, जहां कल लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता ने बताया कि कुल सात घायलों को यहां लाया गया था। इनमें से पांच को घर भेज दिया गया है, बाकी दो में एक लड़की है और उसके पैर में चोट लगी है। हालांकि चोट गंभीर नहीं है। वह ज्यादा मानसिक सदमे में है। उसके परिजन गुड़गांव से उसे लेने के लिए आ गए हैं। मृत 15 लोगों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।