‘BJP-RSS का सपना, चंदे का माल अपना’ राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का तीखा हमला!

‘BJP-RSS का सपना, चंदे का माल अपना’ राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का तीखा हमला!
हाइलाइट्स
• राम मंदिर चंदा विवाद पर कांग्रेस का BJP पर हमला
• पांच मिनट में 2 करोड़ से 18.5 करोड़ की हुई जमीन?
• जयराम रमेश ने PM मोदी से पूछे सवाल
• 2021 की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों?

राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे और जमीन के सौदों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के साथ-साथ देशभर के करोड़ों लोगों से जुटाए गए हजारों करोड़ रुपये के चंदे में भी हेराफेरी की गई।

जयराम रमेश ने भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भाजपा, आरएसएस, वीएचपी का सपना, चंदे का माल अपना।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि उनकी नाक के नीचे कथित तौर पर चंदे की चोरी हुई, तो उन्होंने मौन सहमति देकर इस पाप में भागीदार बनना क्यों चुना?

5 मिनट में दो करोड़ से 18.5 करोड़ रुपये कैसे हुई जमीन की कीमत?

जयराम रमेश ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन के एक सौदे पर सवाल उठाते हुए समय और कीमत का जिक्र किया। उनके मुताबिक, शाम 7:10 बजे तिवारी और अंसारी ने कुसुम पाठक से जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी थी। इसके महज पांच मिनट बाद, शाम 7:15 बजे, उसी जमीन को ट्रस्ट ने चंपत राय के माध्यम से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद लिया।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि आखिर पांच मिनट के भीतर जमीन की कीमत में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हो गई। उन्होंने इस सौदे को कथित लूट बताते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा।

जमीन की रजिस्ट्री और जांच रिपोर्ट पर भी सवाल

जयराम रमेश ने जमीन की दोनों रजिस्ट्रियों में दर्ज गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या दोनों दस्तावेजों में तत्कालीन भाजपा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ही गवाह थे।

उन्होंने 2021 की जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल किया। रमेश ने पूछा कि जमीन के सौदों की जांच कर रही विशेष जांच टीम के नतीजे आखिर कब सामने आएंगे।

कांग्रेस का आरोप है कि विपक्ष लगातार इन मामलों को उठा रहा है और भाजपा, आरएसएस तथा वीएचपी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन अब तक न तो जांच के नतीजे सामने आए हैं और न ही कार्रवाई हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी और योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल

कांग्रेस ने सोमवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने कहा था कि सत्ता के अहंकार में चूर चंदा चोरों को सजा दिलाना देश के नागरिकों की जिम्मेदारी है।

इससे पहले इसी महीने कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को जांच में बचाया जा रहा है। पार्टी ने यह सवाल भी उठाया था कि चार जून को कथित चोरी की रकम से जुड़ा वीडियो चंपत राय तक पहुंचने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने में 21 दिन की देरी क्यों हुई।

चढ़ावे का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। पार्टी ने जमीन के सौदों, जांच रिपोर्ट और प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।