बढ़े मार्जिन के साथ सपा ने वाराणसी खंड स्नातक सीट जीती

बढ़े मार्जिन के साथ सपा ने वाराणसी खंड स्नातक सीट जीती
  • स्नातक एमएलसी सीट पर आशुतोष सिन्हा ने दर्ज की जीत
  • भाजपा के केदारनाथ सिंह को 19,932 मतों से हराया
  • 55 घंटे से अधिक चली मतगणना के बाद परिणाम घोषित
  • शिक्षक सीट के बाद स्नातक सीट पर भी सपा का कब्जा

Varanasi Graduate MLC Election Result: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने भाजपा को एक बार फिर सियासी झटका दिया है। शिक्षक एमएलसी सीट गंवाने के एक दिन बाद गुरुवार को भाजपा स्नातक सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के केदारनाथ सिंह को 19,932 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। जीत का अंतर 2020 के चुनाव परिणाम की तुलना में पांच गुना अधिक है।

लगातार 55 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना के 24 चक्र पूरे होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने जीत की आधिकारिक घोषणा की। काशी क्षेत्र में भाजपा की लगातार दो हार ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

सपा को दोहरी खुशी

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आशुतोष सिन्हा को कुल 55,046 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के खाते में 35,114 मत आए। शिक्षक एमएलसी सीट पर पहले ही सपा प्रत्याशी की जीत के बाद स्नातक सीट का परिणाम पार्टी के लिए दोहरी खुशी लेकर आया। जबकि भाजपा के लिए दोनों सीटों पर हार स्थानीय राजनीति में बड़ा झटका मानी जा रही है।

भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने धरना दिया

मतगणना के अंतिम दौर तक परिणाम को लेकर गहमागहमी बनी रही। बुधवार देर शाम मतगणना केंद्र पर शुरू हुआ विवाद रातभर चला। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए धरना दिया और प्रेक्षक प्रांजल यादव को हटाने की मांग की। इसके बाद मतगणना केंद्र के बाहर सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी लगातार मतगणना के हर दौर की जानकारी लेते रहे। गुरुवार सुबह केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली।

मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच मतों की गिनती पूरी हुई। जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। आशुतोष सिन्हा की जीत की खबर मिलते ही सपा खेमे में उत्साह छा गया। मतगणना स्थल के पीछे वाले गेट पर सुबह से जुटे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। समर्थकों ने स्वागत के लिए विजय रथ को फूल-मालाओं से सजाया। निर्वाचन प्रमाण-पत्र मिलने के बाद जीत का जश्न और तेज हो गया।

'अभी तो यह झांकी है...'

स्नातक एमएलसी सीट पर जीत दर्ज करने के बाद सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने इसका श्रेय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी के प्रत्येक नेता, कार्यकर्ता, साथी और शुभचिंतकों की जीत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सामान्य कार्यकर्ता के लिए दिन-रात मेहनत की। तीन-तीन दिनों तक सुबह से देर रात तक सड़कों पर रहकर पहरा दिया, ताकि चुनाव और मतगणना में किसी तरह की बेईमानी या गड़बड़ी न हो सके। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति आभार जताया। काशी और प्रयागराज में मिली जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'अभी तो यह झांकी है, उत्तर प्रदेश में सरकार बनना बाकी है।' उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) को साथ लेकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।