Israel Election 2026: क्या नेतन्याहू बचा पाएंगे अपनी कुर्सी?

Israel Election 2026: क्या नेतन्याहू बचा पाएंगे अपनी कुर्सी?
हाइलाइट्स
• इस्राइल में आम चुनाव के लिए मतदान जारी, 73,31,981 मतदाता करेंगे वोट
• नेतन्याहू और विपक्ष के बीच सत्ता को लेकर मुकाबला
• 7 अक्तूबर हमले की जांच और सरकार बदलने का मुद्दा चुनाव प्रचार में छाया

इस्राइल में आम चुनाव के लिए मतदान जारी है। देश के 73,31,981 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे तक चलेगा। चुनाव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता और विपक्ष की सरकार बदलने की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।

मतदान से पहले नेतन्याहू और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की। चुनाव प्रचार के दौरान 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले, सुरक्षा में चूक की जवाबदेही और देश की दिशा बदलने जैसे मुद्दे उठाए गए।

आइजेनकोट ने 7 अक्तूबर के हमले की याद दिलाई

इस्राइल के पूर्व सेना प्रमुख और यशर पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट ने मतदाताओं को 7 अक्तूबर 2023 को हुए हमास के हमले की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनाव सरकार बदलने और देश को बेहतर दिशा देने का अवसर है।

आइजेनकोट ने नेतन्याहू सरकार पर सुरक्षा में हुई चूक की जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया। उनका गठबंधन इस हमले की जांच के लिए एक स्वतंत्र आयोग बनाने की मांग कर रहा है।

नेतन्याहू ने लिकुड पार्टी के लिए मांगा समर्थन

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्हें वामपंथी गठबंधन बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सत्ता में आने पर उसे अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

नेतन्याहू ने मतदाताओं से अपनी लिकुड पार्टी को वोट देने की अपील की। चुनाव प्रचार में वह खुद को इस्राइल की सुरक्षा के लिए मजबूत नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।

विपक्षी नेताओं ने सरकार बदलने की अपील की

यिसराइल बेतेनु पार्टी के नेता एविगडोर लिबरमैन ने कहा कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना इस्राइल को मजबूत बनाने के पक्ष में वोट देना है। उन्होंने अनिवार्य सैन्य या नागरिक सेवा, कानून के सामने समानता और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को उठाया।

वहीं, डेमोक्रेट्स पार्टी के यायर गोलान ने भी मतदाताओं से सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू सरकार 7 अक्तूबर के हमले की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग बनाने का विरोध करती रही है।

इस्राइल में कैसे बनेगी नई सरकार?

मतगणना पूरी होने के बाद राष्ट्रपति इसाक हर्जोग चुनाव जीतने वाली पार्टियों के नेताओं से चर्चा करेंगे। इसके बाद वह उस सांसद को सरकार बनाने का मौका देंगे, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे अच्छी संभावना होगी।

सरकार बनाने के लिए संबंधित सांसद को 28 दिन का समय मिलेगा। जरूरत पड़ने पर 14 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी जा सकती है। यदि पहला प्रयास सफल नहीं होता है, तो दूसरे नेता को सरकार बनाने के लिए 28 दिन दिए जा सकते हैं।

अगर आगे भी सरकार बनाने की कोशिशें नाकाम रहती हैं, तो देश में दोबारा चुनाव हो सकते हैं। नई सरकार बनने तक बेंजामिन नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।