हाइलाइट्स
- खरगे ने भाजपा को बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी
- जीत पर अहंकार न करने की भाजपा को दी नसीहत
- 30 अक्टूबर को मॉक पार्लियामेंट, 1 नवंबर को दिल्ली में विपक्ष की रैली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में एमएलसी चुनाव के नतीजों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने का मतलब यह नहीं है कि दूसरी पार्टियों का जनाधार खत्म हो गया है। खरगे ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसे अपने प्रदर्शन पर इतना भरोसा है, तो संसद भंग करके बैलेट पेपर से चुनाव करा लेने चाहिए।
खरगे ने यह बात पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर कायम है और केवल भाजपा की जीत के कारण विपक्ष मैदान नहीं छोड़ेगा। इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम और 1 नवंबर को होने वाली रैली की तैयारियों को लेकर विपक्षी दलों ने भी बैठक की।
खरगे ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई
कर्नाटक के एमएलसी चुनाव परिणामों पर सवाल पूछे जाने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष अब भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अपनी जीत पर अहंकार नहीं करना चाहिए।
खरगे ने भाजपा के पुराने चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब पार्टी संसद में केवल दो सीटें जीती थी। उनके मुताबिक, चुनाव में कभी-कभी ऐसे परिणाम आते हैं, लेकिन इससे किसी पार्टी की राजनीतिक पकड़ खत्म होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है, तो वे संसद को भंग कर दें और बैलेट पेपर से चुनाव करवा लें।"
'वोट चोरी' के आरोपों पर जारी रहेगा विरोध
खरगे ने कहा कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन कथित 'वोट चोरी' और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग में हुई गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि सभी पार्टियां इस विरोध का समर्थन कर रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, 30 अक्तूबर को एक 'मॉक पार्लियामेंट' यानी प्रतीकात्मक संसद आयोजित की जाएगी, जबकि 1 नवंबर को दिल्ली में रैली होगी। उन्होंने कहा कि इस रैली में देशभर से लोग शामिल होंगे।
खरगे ने लोकतंत्र में संघर्ष और जनजागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है।
खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित 'जनता का महाभियोग' कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर बैठक की।
इस बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, गौरव गोगोई, महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ’ब्रायन और जॉन ब्रिटास समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित कार्यक्रम को संसद की कार्यवाही के प्रारूप में आयोजित करने की तैयारी है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष की तर्ज पर सांसद अपनी बात रखेंगे। कार्यक्रम में करीब 40 वक्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी कार्यक्रम को संबोधित कर सकते हैं। वहीं, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के कार्यक्रम की अध्यक्षता करने की संभावना है।
प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर भी चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका कौन निभाएगा, इस पर भी फैसला लिया जाना है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि यह कार्यक्रम 30 अक्तूबर को दोपहर 3:30 बजे नई दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास, 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित होगा।
जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान की भावना का उल्लंघन करने और चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं। विपक्ष की योजना 30 अक्तूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली में रैली करने की है।