मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से रूस-यूक्रेन में स्थानीय युद्धविराम

मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से रूस-यूक्रेन में स्थानीय युद्धविराम
  • मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से ओलेश्की में स्थानीय युद्धविराम पर सहमति
  • मानवीय सहायता पहुंचाने और नागरिकों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
  • शहर में करीब 1,700 से 2,000 लोग रह गए हैं
  • रूस और यूक्रेन के नागरिक प्रतिनिधि जरूरतमंद परिवारों से संपर्क करेंगे

Melania Trump Russia Ukraine Ceasefire:  रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से यूक्रेन के ओलेश्की शहर में स्थानीय युद्धविराम और मानवीय सहायता अभियान पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य युद्ध प्रभावित शहर में भोजन, दवाइयां और स्वच्छ पानी पहुंचाना तथा वहां फंसे नागरिकों को सुरक्षित रास्ते से बाहर निकालना है। मेलानिया ट्रंप के कार्यालय ने 23 अक्टूबर को इसकी घोषणा की थी। बाद में रूस और यूक्रेन के अधिकारियों ने भी मानवीय अभियान की तैयारी की पुष्टि की। यह समझौता पूरे युद्ध पर लागू नहीं होगा, बल्कि ओलेश्की और सहायता अभियान से जुड़े क्षेत्र तक सीमित है।

29 अक्टूबर से शुरू होने की थी घोषणा

मेलानिया ट्रंप के कार्यालय की शुरुआती घोषणा के अनुसार, ओलेश्की में स्थानीय युद्धविराम 29 अक्टूबर 2026 से शुरू होना था। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों ने मानवीय अभियान के लिए 27 अक्टूबर से युद्धविराम लागू करने की जानकारी दी। अभियान की तैयारी में सुरक्षित रास्तों की जांच, बारूदी सुरंगों को हटाने, राहत सामग्री पहुंचाने और नागरिकों की निकासी जैसे चरण शामिल हैं।

मेलानिया ट्रंप ने कहा कि ओलेश्की की स्थिति बेहद गंभीर है। उनके अनुसार, शहर में बचे लोगों में बड़ी संख्या बुजुर्गों की है, जिन्हें चिकित्सा सहायता, दवाइयों, भोजन और साफ पानी की तत्काल जरूरत है। सीमित बिजली आपूर्ति, बारूदी सुरंगों से भरे रास्तों और नियमित सैन्य हमलों के कारण वहां रह रहे लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है।

रूस और यूक्रेन की टीमें घर-घर जाकर लेंगी जानकारी

मेलानिया ट्रंप के कार्यालय के अनुसार, दोनों देशों के गैर-सैन्य नागरिक प्रतिनिधि ओलेश्की में लोगों के घरों तक पहुंचकर उनकी जरूरतों का आकलन करेंगे। जो लोग शहर छोड़ना चाहते हैं, उन्हें समन्वित सहायता और परिवहन उपलब्ध कराने की योजना है। नागरिकों को उनकी पसंद के गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। मेलानिया ने कहा कि कुछ लोग रूस और कुछ यूक्रेन जाना चाह सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रक्रिया को दर्ज करने के लिए एक निष्पक्ष अमेरिकी मीडिया संगठन को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निकासी के दौरान परिवारों की इच्छा का सम्मान हो और अभियान की निगरानी की जा सके।

ओलेश्की में अब कितने लोग बचे हैं?

ओलेश्की दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में नीप्रो नदी के दूसरी ओर स्थित है। युद्ध से पहले शहर की आबादी करीब 24,000 थी। मेलानिया ट्रंप के कार्यालय के अनुमान के मुताबिक, अब वहां लगभग 1,700 से 2,000 लोग रह गए हैं, जिनमें करीब 50 बच्चे भी शामिल हैं। शेष आबादी का बड़ा हिस्सा बुजुर्गों का है। वर्ष 2022 के बाद से शहर की आबादी की कोई औपचारिक गणना नहीं हुई है।

शहर युद्ध की अग्रिम पंक्ति के पास स्थित है और 2023 में काखोवका बांध के नष्ट होने के बाद यहां के बड़े हिस्से में बाढ़ आई थी। युद्ध और विस्थापन के कारण अधिकांश निवासी शहर छोड़ चुके हैं, जबकि बचे लोगों को बुनियादी जरूरतों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

बच्चों की वापसी के लिए बने संपर्क का भी हुआ इस्तेमाल

मेलानिया ट्रंप ने बताया कि ओलेश्की की स्थिति के बारे में उन्हें न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान आयोजित ‘फोस्टरिंग द फ्यूचर टुगेदर’ कार्यक्रम के दौरान एक निजी बातचीत में जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने अपने प्रतिनिधि के साथ रूस और यूक्रेन के नेतृत्व से संपर्क किया।

उनके अनुसार, रूस और यूक्रेन के बीच पहले अलग हुए 34 बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए स्थापित संवाद माध्यम का इस्तेमाल इस मानवीय पहल में भी किया गया। दोनों देशों ने अभियान की जटिल व्यवस्थाओं, सुरक्षित रास्तों और बारूदी सुरंगों से जुड़े काम के समन्वय के लिए टीमें नियुक्त कीं।

रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा ने भी मेलानिया ट्रंप की मध्यस्थता से खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की में मानवीय अभियान आयोजित करने पर सहमति की पुष्टि की और उनके प्रयासों के लिए आभार जताया।