चिन्मय अमृत महोत्सव का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति का निर्माण मेरी प्राथमिकता

चिन्मय अमृत महोत्सव का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति का निर्माण मेरी प्राथमिकता
हाइलाइट्स
• पीएम मोदी ने चिन्मय अमृत महोत्सव का किया उद्घाटन
• स्वामी चिन्मयानंद से 1993 की मुलाकात को किया याद
• युवा शक्ति को बताया मजबूत भारत का आधार
• सम्मेलन में शामिल होंगे 9,000 से अधिक प्रतिभागी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में 'चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन' का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद के साथ अपनी मुलाकात को याद किया और कहा कि युवा शक्ति का निर्माण कर मजबूत और सक्षम भारत बनाना उस चर्चा का मुख्य विषय था। पीएम मोदी ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से लेकर पिछले 25 वर्षों तक सरकार के मुखिया के रूप में देश की सेवा करने के सफर में गुरुदेव का आशीर्वाद उनके साथ रहा है।

स्वामी चिन्मयानंद के साथ मुलाकात को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 1993 में वडोदरा में गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद से उनकी मुलाकात हुई थी। उस दौरान हुई बातचीत, गुरुदेव का स्नेह और उनका आशीर्वाद आज भी उन्हें याद है।

पीएम मोदी ने कहा कि सम्मेलन में आधुनिक तकनीक के जरिए गुरुदेव को देखना और उनके होलोग्राम से बातचीत करना बेहद भावुक अनुभव था। उन्हें ऐसा लगा, मानो वह 33 साल पीछे चले गए हों और फिर से गुरुदेव के सानिध्य में हों।

उन्होंने यह अनुभव देने के लिए चिन्मय मिशन के सभी सदस्यों का तहे दिल से धन्यवाद किया।

युवा शक्ति के निर्माण पर हुई थी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पिछली मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि गुरुदेव के साथ उनकी गंभीर चर्चा का मुख्य विषय युवा शक्ति का निर्माण और उसके जरिए एक मजबूत व सक्षम भारत बनाना था।

उन्होंने कहा कि गुरुदेव से मिलने के कुछ साल बाद लोगों ने उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया। इसके बाद पिछले 25 वर्षों तक उन्होंने सरकार के मुखिया के तौर पर अपनी पूरी क्षमता से देश की सेवा की। इस पूरे सफर में गुरुदेव का आशीर्वाद उनके साथ रहा।

चिन्मय मिशन को बताया एक विचार

पीएम मोदी ने कहा कि चिन्मय मिशन केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचार है। इसकी स्थापना चिन्मय ऋषि ने की थी और दशकों की इसकी यात्रा चिन्मय संकल्पों से भरी रही है।

उन्होंने कहा कि जो कुछ भी 'चिन्मय' है, वह स्वाभाविक रूप से शाश्वत और अमरता से परिपूर्ण है। इसी वजह से भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम का नाम 'चिन्मय अमृत महोत्सव' रखना सार्थक है।

25 अक्तूबर तक चलेगा वैश्विक सम्मेलन

'चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन' का आयोजन 23 से 25 अक्तूबर 2026 तक किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और विदेशों से 9,000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

यह आयोजन चिन्मय मिशन के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले समारोहों का समापन है। चिन्मय मिशन की स्थापना 1951 में स्वामी चिन्मयानंद ने की थी। इसका उद्देश्य वेदांत और भगवद गीता का ज्ञान सभी तक पहुंचाना है।

पिछले कुछ दशकों में मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्रों में अपने कार्यों का विस्तार किया है।