नई दिल्ली में शनिवार को सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया जब Rahul Gandhi के आवास के बाहर BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के रुख को लेकर किया गया, क्योंकि Lok Sabha में महिला आरक्षण से जुड़े 131वें संशोधन विधेयक को आवश्यक बहुमत नहीं मिल सका। बीजेपी ने इस मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हुए और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व संभाला। इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यह मुद्दा महिलाओं के अधिकार और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व से सीधे तौर पर जुड़ा है।
बीजेपी सांसद Bansuri Swaraj ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लोकसभा में जो हुआ, वह देश की महिलाओं के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, जब महिलाओं को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का अवसर आया, तब विपक्ष ने अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा जा रहा है, जबकि उन्हें वास्तविक भागीदारी देने से बचा जा रहा है।
वहीं, बीजेपी सांसद Hema Malini ने भी विधेयक पारित न होने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि तमाम प्रयासों के बावजूद बिल पास नहीं हो सका। उनके अनुसार, देशभर की महिलाएं इस फैसले से आहत हैं और यही कारण है कि विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बीजेपी सांसद Manoj Tiwari ने भी विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि लोकसभा में बिल का खारिज होना महिलाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे पर विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी। तिवारी ने इस मुद्दे को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा बताते हुए इसे सिर्फ एक विधेयक का मामला न मानने की बात कही।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित 131वां संशोधन विधेयक पेश किया था, लेकिन यह आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विधेयक को पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी, जबकि इसके खिलाफ 230 वोट पड़े, जिसके चलते यह पास नहीं हो पाया। इसके बाद से ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है और संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर बहस और विरोध तेज हो गया है।
इसी बीच कानून-व्यवस्था से जुड़ी एक अहम कार्रवाई में Noida Police और एसटीएफ ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के कथित मास्टरमाइंड आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह एक लाख रुपये का इनामी आरोपी था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसे Tiruchirappalli Railway Station (तमिलनाडु) से इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी इनपुट के आधार पर पकड़ा गया।
Gautam Buddh Nagar Police Commissionerate के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ थाना फेस-2 में मामला दर्ज था और उसकी गिरफ्तारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर सत्तारूढ़ दल इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़कर मुद्दा बना रहा है, वहीं विपक्ष अपनी रणनीति के तहत सरकार के दावों को चुनौती दे रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा भारतीय राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।